Monday, February 25, 2008

जीवन गाडी

जीवन गाडी




जीवन गाडी पटरी पे

झूक-झूक, झूक-झुका

करती जाए, करती जाए ।



धून न्यारी सी बजाए

गीत प्यारा सा गाए ।

जीवन गाडी पटरी पे

झूक-झूक, झूक-झूक

करती जाए, करती जाए ।



रंग धरा के बताए

रूप नभा के सुनाए

जीवन गाडी पटरी पे

झूक-झूक, झूक-झूक

करती जाए, करती जाए ।



हो कैसा भी मोड

शान सें मुडे

चाहे जितनी लंबी हो दौड

जी जान सें दौडे ।



चलती जाए, चलती जाए ।

सारे सुरों को समाए,

चलती जाए, चलती जाए ।



जीवन गाडी पटरी पे

झूक-झूक, झूक-झूक

करती जाए, करती जाए ।

चलती जाए, चलती जाए ।



स्वाती फडणीस........................... २००६

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