जीवन गाडी
जीवन गाडी पटरी पे
झूक-झूक, झूक-झुका
करती जाए, करती जाए ।
धून न्यारी सी बजाए
गीत प्यारा सा गाए ।
जीवन गाडी पटरी पे
झूक-झूक, झूक-झूक
करती जाए, करती जाए ।
रंग धरा के बताए
रूप नभा के सुनाए
जीवन गाडी पटरी पे
झूक-झूक, झूक-झूक
करती जाए, करती जाए ।
हो कैसा भी मोड
शान सें मुडे
चाहे जितनी लंबी हो दौड
जी जान सें दौडे ।
चलती जाए, चलती जाए ।
सारे सुरों को समाए,
चलती जाए, चलती जाए ।
जीवन गाडी पटरी पे
झूक-झूक, झूक-झूक
करती जाए, करती जाए ।
चलती जाए, चलती जाए ।
स्वाती फडणीस........................... २००६
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