पहेलीसा दिल
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सावन के झोकेसा गिला धुंदला दिल |
बु.दोसे झलकते रंगोसा अन छुवा दिल |
रंगबिरंगे शिशे के तुकडों की नक्काशीसा
तुकडे तुकडे से ही बनता है दिल |
डाल पे बैठे मैना जैसा गाता गुनगुनाता
सावला सुंदरसा बेगाना अपना दिल |
बागान मे खिलती हुई कली बहारका
रोज खिलते मुरझाते फुलोसा दिल |
सुखदुख: के धागोसे बुंदा मुलायम-खर्रारा
उनी शॉलसा चाहा अन चाहा दिल |
निली आसमासा गहरे हलके रंगो से बना
जादूकरता करवाता पहेलीसा दिल |
स्वाती फडणीस................. १०-०३-२००८
Saturday, May 10, 2008
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