Thursday, May 15, 2008

काश!!!..

काश!!!..
.


काश के कभी,
ये शीकन मिटा पाते!!!

काश के कभी,
ये चुभन दबा पाते!!!

काश के कभी,
रसम निभा पाते!!!

काश..........
काश के कभी,
हम भी जी लेते!!!


स्वाती फडणीस ............ १५-०५-२००८

0 comments: