Friday, May 23, 2008

एक सच्चाई

एक सच्चाई
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मुझसे डरते हो?.. तो डरो!
लेकीन एक बार समझलो...

मेरे पंजो मे.. तुम्हारे जैसे,
तेज नाखुन नही है|
ना ही कभी थे|

मुझसे डरते हो?.. तो डरो!
लेकीन एक बात समझलो...

मेरे मुह मे.. तुम्हारे जैसे,
खुनी दात नही है|
ना ही कभी थे|

मुझसे डरते हो?.. तो डरो!
लेकीन एक सच्चाई जानलो...

कभी.. मै भी एसे ही डरा करती थी!! तुमसे|


स्वाती फडणीस ............... १८-०५-२००८

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