लोरी
.
निंदियॉ आजा रे आजा
पलकों पे छा जा |...
पलकों के पिछे
एक सपनों की नगरी ||२||
नगरी वो लगती
मुझको प्यारी
आजा रे आजा....
सपनों की नगरी
का पता अजब है ||२||
बादल गाव से होके जाना है |
बादल गाव जाए निली घाटी,
दाएँ बाए झुकती मुडती
आजा रे आजा
पलकों पे छा जा |...
इक बादल के उपर चडके
इक बादल से दाएँ मुडके
इक बादल से आगे आगे
आजा रे आजा...
निंदियॉ आजा रे आजा
पलकों पे छा जा |...
पलकों पे छा जा |...
ला लाला ला ला
ला लाला ला ..
स्वाती फडणीस ...................२००४
Tuesday, February 26, 2008
Monday, February 25, 2008
जीवन गाडी
जीवन गाडी
जीवन गाडी पटरी पे
झूक-झूक, झूक-झुका
करती जाए, करती जाए ।
धून न्यारी सी बजाए
गीत प्यारा सा गाए ।
जीवन गाडी पटरी पे
झूक-झूक, झूक-झूक
करती जाए, करती जाए ।
रंग धरा के बताए
रूप नभा के सुनाए
जीवन गाडी पटरी पे
झूक-झूक, झूक-झूक
करती जाए, करती जाए ।
हो कैसा भी मोड
शान सें मुडे
चाहे जितनी लंबी हो दौड
जी जान सें दौडे ।
चलती जाए, चलती जाए ।
सारे सुरों को समाए,
चलती जाए, चलती जाए ।
जीवन गाडी पटरी पे
झूक-झूक, झूक-झूक
करती जाए, करती जाए ।
चलती जाए, चलती जाए ।
स्वाती फडणीस........................... २००६
जीवन गाडी पटरी पे
झूक-झूक, झूक-झुका
करती जाए, करती जाए ।
धून न्यारी सी बजाए
गीत प्यारा सा गाए ।
जीवन गाडी पटरी पे
झूक-झूक, झूक-झूक
करती जाए, करती जाए ।
रंग धरा के बताए
रूप नभा के सुनाए
जीवन गाडी पटरी पे
झूक-झूक, झूक-झूक
करती जाए, करती जाए ।
हो कैसा भी मोड
शान सें मुडे
चाहे जितनी लंबी हो दौड
जी जान सें दौडे ।
चलती जाए, चलती जाए ।
सारे सुरों को समाए,
चलती जाए, चलती जाए ।
जीवन गाडी पटरी पे
झूक-झूक, झूक-झूक
करती जाए, करती जाए ।
चलती जाए, चलती जाए ।
स्वाती फडणीस........................... २००६
Tuesday, February 19, 2008
तु
तु
.
तु खुष हैं
हैं खुषियाँ
तेरे गम से
हैं नमियाँ |
लब मेरे
तेरी बतियाँ
मैं देखु
तेरी अखियाँ |
तन झूमे
तेरी किमयाँ
मन नाचे
नाचे दुनियाँ |
डाल डाल
सजी कलियाँ
महके कली
महके बगियाँ |
स्वाती फडणीस.................२०००
.
तु खुष हैं
हैं खुषियाँ
तेरे गम से
हैं नमियाँ |
लब मेरे
तेरी बतियाँ
मैं देखु
तेरी अखियाँ |
तन झूमे
तेरी किमयाँ
मन नाचे
नाचे दुनियाँ |
डाल डाल
सजी कलियाँ
महके कली
महके बगियाँ |
स्वाती फडणीस.................२०००
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