Tuesday, February 26, 2008

लोरी

लोरी
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निंदियॉ आजा रे आजा
पलकों पे छा जा |...

पलकों के पिछे
एक सपनों की नगरी ||२||

नगरी वो लगती
मुझको प्यारी
आजा रे आजा....

सपनों की नगरी
का पता अजब है ||२||

बादल गाव से होके जाना है |
बादल गाव जाए निली घाटी,
दाएँ बाए झुकती मुडती

आजा रे आजा
पलकों पे छा जा |...

इक बादल के उपर चडके
इक बादल से दाएँ मुडके
इक बादल से आगे आगे


आजा रे आजा...

निंदियॉ आजा रे आजा
पलकों पे छा जा |...

पलकों पे छा जा |...
ला लाला ला ला
ला लाला ला ..


स्वाती फडणीस ...................२००४

Monday, February 25, 2008

जीवन गाडी

जीवन गाडी




जीवन गाडी पटरी पे

झूक-झूक, झूक-झुका

करती जाए, करती जाए ।



धून न्यारी सी बजाए

गीत प्यारा सा गाए ।

जीवन गाडी पटरी पे

झूक-झूक, झूक-झूक

करती जाए, करती जाए ।



रंग धरा के बताए

रूप नभा के सुनाए

जीवन गाडी पटरी पे

झूक-झूक, झूक-झूक

करती जाए, करती जाए ।



हो कैसा भी मोड

शान सें मुडे

चाहे जितनी लंबी हो दौड

जी जान सें दौडे ।



चलती जाए, चलती जाए ।

सारे सुरों को समाए,

चलती जाए, चलती जाए ।



जीवन गाडी पटरी पे

झूक-झूक, झूक-झूक

करती जाए, करती जाए ।

चलती जाए, चलती जाए ।



स्वाती फडणीस........................... २००६

Tuesday, February 19, 2008

तु

तु
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तु खुष हैं
हैं खुषियाँ
तेरे गम से
हैं नमियाँ |

लब मेरे
तेरी बतियाँ
मैं देखु
तेरी अखियाँ |

तन झूमे
तेरी किमयाँ
मन नाचे
नाचे दुनियाँ |

डाल डाल
सजी कलियाँ
महके कली
महके बगियाँ |


स्वाती फडणीस.................२०००